मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


व्यक्तित्व


अभिव्यक्ति में रतन मूलचंदानी
की रचनाएँ

फोटो निबंध
बतरस से लिखवट

 


रतन मूलचंदानी  

जन्म-
जुलाई १९४७, लारकाना, सिन्ध, अविभाजित भारत में।

शिक्षा-
जबलपुर अभियान्त्रिकी महाविद्यालय से इलेक्ट्रानिक्स में स्नातक १९७०, इल पालितेक्निको दी तोरीनो, इटली से इलेक्ट्रानिक्स में मास्टर्स १९७५, आईआईटी दिल्ली से कम्प्यूटर टेक्नॉलाजी में एम.टैक १९८४

कार्यक्षेत्र-
विभिन्न तकनीकी क्षेत्रो मे १९७१ से २०१३ तक कई देशो में कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त। १९९५ से मेलबर्न व न्यूकॉसल ऑस्ट्रेलिया मे निवास। "चल पड़ो जहाँ कदम ले जाएँ" की सोच पर नई नई जगहो मे पैदल, जो अभी भी जारी है। पिछले पाँच एक वर्षो से पैदल के समय फोटो लेने की शुरूआत। सेवानिवृत्त होने के बाद भी तकनीकी क्षेत्र व साहित्यिक पुस्तको का पढ़ना जारी है।

संपर्क: ratanmulchandani@hotmail.com

२०२३ अनोखे दृश्य २०२४ अलबेले फूल
खिड़की में सागर पिंक कार्पेट
जहाज पर टापू रूप रंग आकार
पेड़ पर वसंत बसंत बहार
एकला चलो रे असली या नकली
एक पाँव पर खड़ा सौंदर्य तोते जैसा फूल
पुराने दोस्त का साथ वेरिगेटेड बोगनविला
विदेश में बरगद नये पत्ते गुलाबी रंग
गिरगिट या छिपकली पंजा कंगारू का
साइकिल वाले पुराने दिन एक ही पेड़ पर दो रंग के फूल
१० अरे यहाँ तो हैंडपंप है १० सूरजमुखी जैसा गज़ेनिया
११ 'चट्टान पर सीपियो के दीप ११ सिल्वर वेव्ज
१२ क्रिसमस का जगमग संसार १२ सिल्वर वॉटल
२०२५ मेरा शहर और आसपास   २०२६ अजब गजब चट्टानें
साउथ यारा स्टेशन १. ग्रेट नार्थ वॉक की चट्टान
एलिजाबेथ/कॉलिंस स्ट्रीट क्रासिंग २. गैसवर्कस् थिएटर पोर्ट मेलबर्न
कार्डिनिया रोड स्टेशन के पास मुल्लम मुल्लम क्रीक
स्प्रिगंवेल कस्बा द ग्लेन शापिंग सेंटर
स्काई हाई मेरीवेदर बॉथ से बरबुड बीच
पतझड़ का मौसम तट पर मगरमच्छ
रेल से मेल्टन  
लेबनान क्रिसेंट स्ट्रीट  
यारा नदी के किनारे  
१० वह अनोखा नुक्कड़ १०  
११ जादू विशिंग वेल का ११  
१२ मुनिपाँड कस्बा १२  
1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।