मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


घर-परिवार बागबानी


बारह पौधे जो साल-भर फूलते हैं
(संकलित)


१०- लैन्टाना
बदलते मौसमों में सदा खिले रहने वाले रंगबिरंगे फूलों के लिए लैंटाना से बेहतर कुछ नहीं है। इसके छोटे, चमकीले रंग के फूलों के गोल गुच्छे पीले, नारंगी, सफेद, लाल, गुलाबी, नीले या बैंगनी रंग के हो सकते हैं। फूलों में अक्सर अनेक फ्लोरोसेंट रंगों को एक ही समूह में मिश्रित किया जाता है, जिससे एक बहुरंगी प्रभाव पैदा होता है। कभी कभी एक ही रंग के फूल की विभिन्न छवियाँ मिलकर अद्भुत रंगों की योजनाएँ बनाती हैं जो बहुत ही आकर्षक होती है।

लैंटाना के फूल वसंत से सर्दियों तक निरंतर खिलते हैं, और गर्म मौसम में तो साल भर खिलते ही हैं। यह पौधा चौड़ी सदाबहार झाड़ी के रूप में विकसित होता है और जमीन में अच्छा पनपता है। यह गर्म, शुष्क मौसम में ज्यादा फूल देता है और नमकीन और रेतीली मिट्टी को भी सहन कर सकता है, जिससे यह समुद्र तटीय क्षेत्रों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन जाता है। गर्मियों में इसे ५-६ घंटे और सर्दियों में पूरे दिन की धूप में रखें।

लैंटाना के फूलों का पराग तितलियों की कई प्रजातियों को आकर्षित करता है, जिसमें स्पाइसबश स्वेलोटेल भी शामिल है। इस तेजी से बढ़ने वाले पौधे को किसी भी समय वर्षा या वसंत ऋतु में वार्षिक रूप में लगाया जा सकता है। इसके लिये ज्यादा खाद या देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। लैंटाना जानवरों के लिए विषैला होता है। इसलिये ऐसे स्थानों जहाँ पशुओं से पौधों को बचाना कठिन हो इसे उगाना बहुत लाभदायक हो सकता है। लैंटाना की कुछ हाईब्रिड किस्में कम झाड़ी वाली और नाजुक होती है। इन्हें कटिंग और बीज दोनो से उगाया जा सकता है। गमलों में लगाने के लिये एक हिस्सा रेत एक हिस्सा मिट्टी और एक हिस्सा कम्पोस्ट का मिश्रण बनाना चाहिये।
 

पृष्ठ- . . . . . . . . . १०. ११.

१ अक्टूबर २०२२

यह भी देखें-

bullet

घर के लिये उपयोगी वृक्ष और पौधे     

bullet

सरल और सफल बागबानी  

bullet

ग्रहों से वृक्ष और पौधों का संबन्ध

bullet

आयुर्वेद की दृष्टि से उपयोगी बारह पौधे

bullet

फूलों की टोकरियाँ या लटकने वाले गमले

bullet

बारह पौधे जो साल-भर फूलते हैं

1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।