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छोटी पत्तियों का सौंदर्य
जो
घर का रूप सँवारें और
पर्यावरण भी निखारें
(संकलित)
९- स्ट्रिंग
औफ टर्टल
स्ट्रिंग औफ टर्टल इक्वाडोर
के नम उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल निवासी है और यह
पाइपेरेसी यानी काली मिर्च परिवार का सदस्य है, इसीलिये
इसका एक नाम पेपेरोमिआ प्रोस्ट्राटा भी है।
इस नन्हे बेलनुमा पौधा की
गोल पत्तियाँ छोटे कछुए की पीठ जैसा नमूना लिए होती हैं।
लटकते गमलों और टेरारियम में यह बेहद आकर्षक लगता है, मानो
हर पत्ती एक नन्हीं कलाकृति हो। ये पत्तियाँ बेहद छोटी,
चमकीली हरी, पतली बेलों पर गुच्छों के रूप में धीरे‑धीरे
फैलती हैं और हरियाली का महीन जाल बुन देती हैं। तेज़
लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी और हल्की नम मिट्टी में यह पौधा
सबसे अच्छा बढ़ता है। सजावटी पौधों की दुनिया में इसे
“नन्हीं पत्तियों का रत्न” कहा जा सकता है, जो किसी भी
कोने को जीवंत और कलात्मक बना देता है।
देखभाल की बात करें तो यह बेल नाज़ुक है और उच्च आर्द्रता
पसंद करती है। सीधी धूप से इसकी पत्तियाँ जल सकती हैं
इसलिये इसे धूप से बचाएँ। लेकिन कम रोशनी में इनकी
पत्तियों का रंग उतना चमकदार नहीं रहेगा, इसलिये ऐसे
बरामदे या काँच के कमरों में अच्छे पनपते हैं जिसमें धूप न
आती हो रौशनी खब हो। ध्यान रखें कि इसकी गुदगुदी पत्तियाँ
पानी संचित करती हैं, इसलिये मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर
ही पानी दें।
हल्की, संतुलित और तरल खाद
वसंत और गर्मियों में; सर्दियों में खाद न दें। इसके ढेर
से पौधे बनाने के लिये तने या पत्ती की कटिंग लगाएँ।
हल्की, हवादार और अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी में इसे
रोपें। यह पौधा धीमी गति से बढ़ता है और पूर्ण विकसित होने
पर इसके तने बारह से पंद्रह इंच की लंबाई तक पहुँच जाते
हैं। |