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छोटी पत्तियों का सौंदर्य
जो
घर का रूप सँवारें और
पर्यावरण भी निखारें
(संकलित)
७- पर्पल
वफल या रेड आईवी
पर्पल वफल या रेड आईवी नाम से जाना जाने वाला यह पौधा
उष्णकटिबंधीय छायादार और नम वातावरण पसंद करता है, लेकिन
उत्तर भारत में मार्च के बाद की गर्मी इसे बचाना कठिन होता
है। इंडोनेशिया, भारत और मलेशिया के जंगलों में पाया जाने
वाला यह पौधा गहरी हरी और बैंगनी झलक वाली पत्तियों पर,
झुर्रीदार बनावट वाला होता है। जिसके कारण इसे पर्पल वफल
भी कहते हैं। ज़मीन पर फैलने वाले इस पौधे की ऊँचाई छह से
नौ इंच तक होती है।
यह एक बेहतरीन घरेलू पौधा
है। इसे छोटे गमलों, हैंगिंग बास्केट या बगीचे में जमीन पर
फैलने वाले पौधे के रूप में लगाया जा सकता है। इसे तेज
लेकिन अप्रत्यक्ष धूप की आवश्यकता होती है। सीधी तेज धूप
में इसकी पत्तियाँ जल सकती हैं। इसकी मिट्टी हमेशा नम रहनी
चाहिए, लेकिन गमले में पानी जमा न हो। इसे छायादार
क्षेत्रों में जमीन को ढकने वाले पौधे के रूप में उगाया जा
सकता है। यह पौधा बिना दरवाजे की अलमारी की शेल्फ से नीचे
लटकता हुए या मेज पर सेंटरपीस के रूप में रखा हुआ बेहद
आकर्षक लगता है। इस पौधे में नली के आकार के चमकीले सफेद
रंग के फूल आते हैं। ये काफी छोटे और नाजुक होते हैं,
लेकिन दिखने में सुंदर होते हैं, भले ही ये कम ही खिलते
हों!
घर के अंदर रखने पर यह हवा को शुद्ध करने की क्षमता रखता
है। बेंजीन, ऑक्टेन और टोल्यून जैसे यौगिक यह पौधा हवा से
अवशोषित कर लेता है, जिससे हवा हमारे लिए सुरक्षित हो जाती
है। रेड फ्लेम आईवी के पौधे को गर्म जंगल की हवा पसंद है,
लेकिन अगर आप समुद्र के पास रहते हैं, तो इसे घर के अंदर
रखें और नमक से भरी हवा से दूर रखें, क्योंकि यह नमक के
प्रति संवेदनशील है। |