पता-


१. १२. २०२५ 

   

पुराने अंक तिथि-अनुसार   //   पुराने अंक विषयानुसार 
फेसबुक पर   // तुक कोश // शब्दकोश // लेखकों से

साहित्य और संस्कृति में-         

समकालीन कहानियों में
इस माह प्रस्तुत है- पूर्णिमा वर्मन की कहानी
मुखौटे

वह दिसंबर की एक सुहानी शाम थी जब छुईमुई कसबा के अल्फ्रादो रेस्त्रा के सामने वाले बरामदे के एक कोने में बैठी थी। यहाँ से ठीक सामने शारजाह का आई ऑफ एमीरेट्स व्हील है और उसके बिलकुल सामने म्यूजिकल फाउंटेन। अल्फ्रादो के इस कोने पर एक बड़े कप वाले कैपीचीनो के पैसे चुकाकर, आप तीन घंटे के लिये उनके इंटरनेट का पासवर्ड लेकर, अपने लैपटॉप पर काम करते हुए, आराम से बैठे रह सकते हैं।
छुईमुई भी यही करती है। मोहक खुली हवा, तरह तरह की आकर्षक बत्तियों से जगमगाता, संगीत से भरपूर यह कसबा, दोनो तटों के बीच बहती कनाल, कनाल पर नौकाविहार करते लोग, पानी में झाँक कर देखो तो जेली फिश और कभी कभी तो उनका पूरा झुंड... हर तरफ खेलते हुए बच्चे... सप्ताह में एक या दो बार वह मराया आर्ट सेंटर, और मसराह थियेटर के भी चक्कर लगा लेती है। कभी कदा उसके पसंद के कार्यक्रम हुए तो कुछ समय वहाँ गुजारती है, अन्यथा बस बरामदे का यही कोना... अल्फ्रादो के सामने। कसबा शारजाह का एक मनोरंजन स्थल है। आगे-
******

अंतरा करववड़े की
लघुकथा- पानी

***

डॉ. भावना तिवारी का साहित्यिक निबंध
नवगीतों में माघ के महीने की उपस्थिति

***

राम पुकार शर्मा का ललित निबंध
पूस जाड़ थर थर तन काँपै
***

रामकिशन नैन का आलेख-
कहाँ गए वो चरखी-कोल्हू, कहाँ गई वो मधुर सुवास
***1

अनुभूति-में- माघ मास विशेषांक के अंतर्गत विविध विधाओं में अनेक रचनाकारों द्वारा जाड़े के मौसम को समर्पित रचनाएँ।

स्थायी स्तंभों में-

गृह सज्जा में- सुंदर बैठक की बारह विशिष्ट शैलियों की शृंखला में इस माह प्रस्तुत है- रंग बिरंगी छींट से छबीली बैठक

रसोईघर में- हमारी रसोई संपादक शुचि अग्रवाल प्रस्तुत कर रही हैं- बड़े दिन के अवसर पर सेब का क्रंबल

बात फूलों की- चुने हुए सबसे सुंदर वे बारह फूल जो विशेष अवसरों पर आपके केश विन्यास को सजाते हैं। इस अंक में प्रस्तुत है- कमल का फूल

स्वास्थ्य के अंतर्गत- वे बारह भोजन तो उच्चरक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। इस अंक में प्रस्तुत है- रसभरी

डाक टिकटों पर विशेष दिवस- देश विदेश के वे टिकट जो विशेष दिवसों पर प्रकाशित हैं- इस अंक में- क्रिसमस के अवसर पर प्रकाशित भारतीय डाक-टिकटों की कहानी।

बतरस से लिखवट तक - रतन मूलचंदानी के फोटो निबंध मेरा शहर और आसपास में इस माह देखते हैं- मुनिपाँड कस्बा

गौरवशाली भारतीय- क्या आप जानते हैं कि दिसंबर महीने में कितने गौरवशाली भारतीय नागरिकों ने जन्म लिया? ...विस्तार से

नवगीत संग्रहों और संकलनों से परिचय की शृंखला में- अवनीश त्रिपाठी के नवगीत संग्रह- शब्द पानी हो गए का परिचय डॉ रंजना गुप्ता की कलम से।

वर्ग पहेली-३९२
गोपालकृष्ण-भट्ट-आकुल और
रश्मि आशीष के सहयोग से

हास परिहास
में पाठकों द्वारा भेजे गए चुटकुले

आज सिरहाने । उपन्यास । उपहार । कहानियाँ। कला दीर्घा । कविताएँ । गौरवगाथा । पुराने अंक । नगरनामा । रचना प्रसंग
घर–परिवार । नाटक परिक्रमा । पर्व–परिचय । प्रकृति । पर्यटन । प्रेरक प्रसंग । प्रौद्योगिकी । फुलवारी । रसोई । विज्ञान वार्ता
कलम गही नहिं हाथ । दो पल । बतरस से लिखवट । विशेषांक । हिंदी लिंक । साहित्य संगम । संस्मरण । चुटकुले
डाक-टिकट संग्रह । अंतरजाल पर लेखन । साहित्य समाचार । साहित्यिक निबंध । स्वास्थ्य । हास्य व्यंग्य । डाउनलोड परिसर

© सर्वाधिकार सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक माह के पहले सप्ताह मे प्रकाशित होती है।

प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -|- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
संपादन, कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन
-|-
सहयोग : रतन मूलचंदानी
 पता-

Google
Search WWW Search www.abhivyakti-hindi.org