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साहित्य और
संस्कृति में- |
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समकालीन कहानियों में
इस माह
प्रस्तुत है- यूके से पुष्पा राव
की
कहानी
टाइगर मेरा यार
कई महीनों से सोहन बिल्डिंग
सोसायटियों के चक्कर लगा रहा था। उसे रिटायर होने में अब दस
महीने बाक़ी थे और वह चाहता था कि रिटायर होने के बाद इस शहर
को छोड़कर समुद्र के किनारे छोटा-सा बंगला ख़रीदकर अपनी पत्नी
माया के साथ आराम से रहे। यह बात उसने कई बार माया से कही, पर
माया तो सोच भी नहीं सकती थी कि वह शेफ़ील्ड छोड़कर कहीं और
रहेगी। उसके सारे दोस्त और रिश्तेदार शेफ़ील्ड में रहते थे। वह
शेफ़ील्ड में ही पैदा हुई थी; स्कूल और कॉलेज भी यहीं था।
उसकी माँ अकेली रहती थी, उसका ध्यान भी माया ही रखती थी। कहने
को उसके भाई-भाभी भी शेफ़ील्ड में ही रहते थे, पर भाभी और माँ
के रिश्ते इतने गहरे नहीं थे। वैसे भी माँ और बेटी का सम्बन्ध
तो अनोखा ही होता है। दोनों को हिन्दी सिनेमा देखने, हिन्दी
गाने और टी.वी. पर आने वाले कार्यक्रमों का शौक़ था।
...आगे-
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अमनदीप सिंह की लघुकथा
अतरिक्ष यात्री की पत्नी
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रेखा राजवंशी की
आस्ट्रेलिया डायरी
दादा की खोज में आस्ट्रेलिया आए बलजिंदर सिंह
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कलादीर्घा में
चित्रकार
नंदलाल बोस से परिचय और उनके चित्र
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पुनर्पाठ के अंतर्गत फुलवारी में
मौसम की जानकारी
बर्फ़ क्यों गिरती है?
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