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१. ५. २०२४ 

     

साहित्य और संस्कृति में-         

समकालीन कहानियों में
इस माह प्रस्तुत है- भारत से वंदना शुक्ला की कहानी
आवाजें

“मैंने लाखों के बोल सहे... वाह, वाह! क्या बात है! एकताल की बंदिश... राग दरबारी कान्हड़ा... मालकौस, पलटेदार तान... घरानेदार लोग, ज़बरदस्त मुर्कियाँ... माशाल्लाह, क्या गला पाया है उस्ताद!”
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आवाज़ें लहराती हुई एक-दूसरे को धकेलकर उतराने-डूबने लगीं उनकी छाती की खोह में। उस्ताद हमीदुल्लाह ख़ान उर्फ़ छुट्टन मियाँ हड़बड़ाकर मूंज की खाट पर उकड़ूँ बैठ गए। आवाज़ें ही आवाज़ें—आसमान से बरसतीं, दीवारों-खिड़कियों की संधों से फूटतीं, दरख़्तों से झड़तीं, अंधेरों से बिखरतीं, कानों में बिलखतीं—आवाज़ें ही आवाज़ें... जेठ का सुलगता महीना और अमावस की गाढ़ी, खुश्क रात। ज़र्ज़र हवेली के मैले, ऊबड़-खाबड़ पटियों वाले आँगन में बीही, अनार और नीम के ऊँघते हुए दरख़्तों के बीच खरहरी खाट पर खामोश, तनहा बैठे बुज़ुर्गवार छुट्टन मियाँ।  ...आगे-

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प्रेरणा गुप्ता की लघुकथा
नाराज सूरज  
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डॉ. शिव जी श्रीवास्तव का आलेख
ढाई आखर सिखाने वाले कवि-कबीरं

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  डॉ. महेश परिमल का
ललित निबंध- जो प्राप्त वही पर्याप्त
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डॉ. परमानंद पांचाल का आलेख
भाषा, मुहावरे और शतरंज

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अनुभूति-में- बृजनाथ श्रीवास्तव, रानी थॉम्पसन, विनीता शुक्ला, महावीर-उत्तरांचली, देवेन्द्र-शर्मा-इंद्र एवं-सुशीलकुमार-शर्मा-की-रचनाएँ।

स्थायी स्तंभों में-

गृह सज्जा में- बालकनी, जिसे हम छज्जा कहते हैं भारतीय शैली में सजा हो तो परंपरा का घना सौंदर्य देखते ही बनता है। इस अंक में- आकर्षण के लिए लटकती स्ट्रिंग लाइट्स

रसोईघर में- हमारी रसोई संपादक शुचि अग्रवाल इस माह प्रस्तुत कर रही हैं माइक्रोवेव के लिये विशेष रूप से तैयार मुज्जफ्फर मीठी सेवईं

बागबानी में- पानी में सुगमता से बढ़ने वाले बारह पौधों की शृंखला में प्रस्तुत है- अनोखी काया वाला मान्सटेरा

स्वाद और स्वास्थ्य में- शाकाहारी भोजन में प्रोटीन के लिये महत्वपूर्ण बारह दालें जो अंतरराष्ट्रीय रूप से लोकप्रिय हैं। इस अंक में प्रस्तुत है- तूर या अरहर की दाल

गौरवशाली भारतीय- क्या आप जानते हैं कि मार्च के महीने में कितने गौरवशाली भारतीय नागरिकों ने जन्म लिया? ...विस्तार से

बतरस से लिखवट तक - रतन मूलचंदानी के फोटो निबंध अलबेले फूलों की शृंखला में इस माह जाने- तोते जैसे फूल के विषय में

नवगीत संग्रहों एवं संकलनों से परिचय की शृंखला में- शिवानंद सिंह सहयोगी के नवगीत संग्रह संघर्षों के शिलालेख का परिचय डॉ. पशुपतिनाथ उपाध्याय की कलम से।

वर्ग पहेली-३७३
गोपालकृष्ण-भट्ट-आकुल और
रश्मि आशीष के सहयोग से

हास परिहास
में पाठकों द्वारा भेजे गए चुटकुले

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प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -|- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
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सहयोग : रतन मूलचंदानी
 पता-

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