मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


घर-परिवार जीवन शैली - भारत के विचित्र गाँव


भारत के विचित्र गाँव
जैसे विश्व में अन्यत्र कहीं नहीं हैं


११- जहाँ लोग खाते भारत में है और सोते म्यांमार में

हमारे देश में बहुत से ऐसे गाँव हैं जहाँ की ख़ूबसूरती देखते ही बनती हैं। नागालैंड पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर्स के नाम से जाने वाले ७ राज्यों में से एक हैं जो ११ जिलों से मिलकर बना हैं। उनमे से मोन जिला राज्य के उत्तरी भाग में स्थित हैं। मोन जिले के बड़े गावों में से एक गांव लोंगवा हैं। यह गाँव नागालैंड की राजधानी कोहिमा से ३८० किमी की दूरी पर स्थित है।

यह गाँव अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिये जाना जाता है लेकिन इसकी एक और विशेषता है। इस गांव के बीचो-बीच से भारत और म्यांमार की सीमा गुजरती हैं। इस तरह गांव का आधा भाग भारत और आधा भाग म्यांमार में बँट जाता है। गांव के बीचो-बीच गुजरने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा के बावजूद इस गांव के लोगों को दो देशों की सीमाओं में न बांटते हुए दोनों देशों की नागरिकता दी गई हैं। साल २०११ में हुई जनगणना के अनुसार, इस गांव में ७३२ परिवार रहते हैं जिनकी जनसंख्या ५१३२ हैं। यहाँ कोनियक नागा जनजाति के लोग रहते हैं जो यहाँ की १६ जनजातियों में से सबसे बड़ी हैं।

 १ दिसंबर २०१८

(अगले अंक में एक और गाँव)  पृष्ठ- . . . . ५. ६. ७. ८. . १०. ११. १२.

1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।