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गौरव गाथा में
इस माह
प्रस्तुत है फणीश्वर नाथ रेणु की
कहानी
पंचलैट

पिछले पन्द्रह दिनों से दंड-जुरमाने के पैसे जमा करके महतो
टोली के पंचों ने इस बार रामनवमी के मेले में पेट्रोमैक्स
खरीदा है। गाँव में सब मिलाकर आठ पंचायतें हैं। हरेक जाति की
अलग-अलग सभाचट्टी है। सभी पंचायतों में दरी, जाजिम, सतरंजी और
पेट्रोमैक्स हैं—पेट्रोमैक्स जिसे गाँववाले 'पंचलाइट' कहते
हैं।
पंचलाइट खरीदने के बाद पंचों ने मेले में ही तय किया—दस रुपए
जो बच गए हैं, इससे पूजा की सामग्री खरीद ली जाए। बिना नेम-टेम
के कल-कब्जेवाली चीज़ का पुन्याह नहीं करना चाहिए। अंग्रेज
बहादुर के राज में भी पुल बनाने से पहले बलि दी जाती थी। मेले
से सभी पंच दिन-दहाड़े ही गाँव लौटे। सबसे आगे पंचायत का
छड़ीदार पंचलाइट का डिब्बा
...आगे-
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