फुलवारी

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जन्माष्टमी

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आज जन्माष्टमी है। जन्माष्टमी श्रीकृष्ण का जन्मदिन है। घर में बहुत सी तैयारियाँ हो रही हैं- पूजा की तैयारियाँ और घर की सजावट। रसोईघर में मखाने की खीर पक रही है। आधी रात को पूजा होगी।

जन्माष्टमी के दिन माँ पूजा के बाद सबको मक्खन और मिश्री का प्रसाद देती हैं। आज भी सबको सुबह मक्खन और मिश्री का प्रसाद मिला और कहानी की एक नई किताब भी। इसमें श्रीकृष्ण की कहानियाँ है। मनु कहानियाँ पढ़ रहा है और मीता कहानियाँ सुन रही है। कहानियाँ रोचक हैं मीता को सुनने में मजा आ रहा है।

देखो ये छुटकू भालू क्या पढ़ रहा है।
"ये गीता पढ़ रहा है मनु ने कहा।" मीता जोर से हँसी।
"इसमें हँसने की क्या बात है?" मनु ने पूछा।
माँ ने कहा- छुटकू भालू को अभी पढ़ना नहीं आता। वह केवल चित्र देख रहा है।

- पूर्णिमा वर्मन

२६ अगस्त २०१३

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