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अभिव्यक्ति
में विवेक रंजन श्रीवास्तव की रचनाएँ

लघुकथाओं में
कन्या शक्ति

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विवेक रंजन
श्रीवास्तव
जन्म- २८ जुलाई १९५९ को मण्डला, मध्य प्रदेश, भारत में।
शिक्षा- इंजीनियरिंग की पोस्ट ग्रेजुएट उपाधि।
कार्यक्षेत्र- विद्युत मण्डल में शासकीय सेवा में जबलपुर
मुख्यालय में मुख्य अभियंता के रूप में सेवा निवृत्त। अनेक
तकनीकी किताबों के अतिरिक्त वैज्ञानिक विषयों पर निरंतर
लेखन। व्यंग्य लेखन के क्षेत्र में विशेष रूप से सक्रिय।
प्रकाशित कृतियाँ-
व्यंग्य संग्रह- रामभरोसे, कौआ कान ले गया, मेरे प्रिय
व्यंग्य, धन्नो बसंती और बसंत, बकवास काम की, जय हो
भ्रष्टाचार की, समस्या का पंजीकरण, खटर पटर आदि। लाकडाउन
नाम से संयुक्त वैश्विक व्यंग्य संग्रह का संपादन के
अतिरिक्त अनेक प्रमुख व्यंग्य संकलनों में सहभागिता।
जीवनी- भगत सिंह, उधमसिंह, रानी दुर्गावती आदि महान
विभूतियों पर चर्चित किताबें लिखीं हैं
नाटक संग्रह- जलनाद, हिन्दोस्तां हमारा, जादू शिक्षा
इसके अतिरिक्त आकाशवाणी, दूरदर्शन, पत्र-पत्रिकाओं यूट्यूब
और ब्लाग पर नियमित रूप से लेखन।
पुरस्कार एवं सम्मान-
विश्ववाणी, पाथेय, मंथन, वर्तिका, हिन्दी साहित्य सम्मेलन,
तुलसी साहित्य अकादमी तथा म प्र साहित्य अकादमी आदि अनेक
साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत-सम्मानित।
संप्रति- सेवानिवृत्ति के बाद स्वतंत्र लेखन एव समाज सेवा।
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