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अभिव्यक्ति
में
डॉ. संध्या सिंह की रचनाएँ

साहित्यिक
आलेख में
सिगापुर में हिंदी
कहानियों
में
ऐसा होता है
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डॉ. संध्या सिंह
जन्म-
वाराणसी में
शिक्षा- बी एड, एम ए हिंदीसाहितय, पी एच डी–सिगापुर में हिंदी
और भोजपुरी का स्वरूप एवं उनके विकास की दिशाओं का अध्ययन विषय
पर।
कार्यक्षेत्र- हिंदी व तमिल विभागाध्यक्ष, सेंटर फ़ॉर लैंग्विज
स्टडीज़, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिंगापुर। वे हिंदी संस्था
संगम सिंगापुर की अध्यक्ष, सिंगापुर संगम हिंदी पत्रिका की
संपादक, हिंदी सोसाइटी सिंगापुर की प्रबंधन समिति की उप सचिव,
प्रवासी साहित्य पत्रिका (केन्द्रीय हिंदी संस्थान) - के
मार्गदर्शन मंडल की सदस्य, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा
संस्थान के डायस्पोरा सेंटर की सदस्य हैं।
प्रकाशित कृतियाँ-
हिंदी शिक्षण से संब्धित पुस्तकें-
एन इंट्रोडक्शन टू हिंदी एलिमेंटरी लेवल, एन इंट्रोडक्शन टू
हिंदी इंटरमीडियेट लेवल।
गद्य़ लेखन- सिंगापुर में भारत (विशेष संदर्भ उत्तर भारत),
केंद्रीय हिंदी संस्थान से प्रकाशित
संपादित साहित्य- सिंहापुरा द्वीप देश की प्रवासी कविता, वाणी
प्रकाशन से प्रकाशित, सिंहापुरा द्वीप देश का प्रवासी गद्य,
वाणी प्रकाशन, सिंगापुर की चयनित रचनाएँ, आईसेक्ट पब्लिकेशंस,
वैश्विक गाँव, प्रवासी पाँव- एक माया?
इसके अतिरिक्त कई शोध पत्र, पुस्तक अंश एवं आलेख प्रकाशित
सम्मान एवं पुरस्कार-
विश्व हिंदी सम्मान (२०२३ फिजी), प्रवासी साहित्य सम्मान,
राजीव अवस्थी सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, उत्कृष्ट शिक्षक
सम्मान, हिंदी गौरव सम्मान।
संप्रति- विभाग प्रमुख नेशनल
यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर
संपर्क-
sandhyasingh077@gmail.com
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