मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


व्यक्तित्व


अभिव्यक्ति में निर्देश निधि की
रचनाएँ



कहानियों में
इस साल नये बरस

 



निर्देश निधि

जन्म- ३ जून १९६१ को जसपुर नैनीताल में
शिक्षा – एम. फिल. (इतिहास)

कार्यक्षेत्र – कहानी, कविता, संस्मरण, यात्रा संस्मरण, समसामयिक लेख, पर्यावरण सम्बन्धी आलेख एवं साक्षात्कार आदि लगभग सभी विधाओं में समान रूप से सक्रिय। लगभग समस्त प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में सक्रिय रूप से भागीदारी। वेब, आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी रचनाएँ प्रकाशित प्रसारित। बुलंदशहर से प्रकाशित ‘बुलंदप्रभा’ साहित्यिक त्रैमासिकी में उपसंपादक और नगर पालिका बुलंदशहर की त्रैमासिक पत्रिका ”प्रगति” का सम्पादन। लेखन के साथ साथ कला में रुचि। अनेक पत्रिकाओं और पुस्तकों के लिये चित्रांकन। जन कल्याणकारी कार्यों में सक्रिय, विशेषकर छोटे बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी पर्यावरण के सुरक्षित रख - रखाव के लिए लेखन एवं व्यावहारिक सक्रियता।

प्रकाशित कृतियाँ-
कहानी संग्रह - ’झाँनवाद्दन’- (2017) प्रकाशित, 2023 में दूसरा संस्करण परिवर्तित शीर्षक 'शेष विहार' नाम से प्रकाशित, एवं 2-’सरोगेट मदर’- (2021) प्रकाशित
कविता संग्रह- ’नदी नीलकंठ नहीं होती’ (2023)
संस्मरण संग्रह- 'मोती से दिन'
इसके अतिरिक्त कुछ साझा संग्रहों में भागीदारी तथा कुछ रचनाएँ पंजाबी, बांग्ला, मराठी, भोजपुरी और अंग्रेज़ी भाषाओं में अनूदित, एक सामूहिक काव्य संग्रह ‘परिवर्तन’ का संपादन।

सम्मान व पुरस्कार-
सांस्कृतिक निदेशक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सी सी आर टी), भारत सरकार) से फ़ेलोशिप, हिंदी अकादमी (दिल्ली सरकार) द्वारा ‘शेष विहार' कहानी पर नाटक का मंचन, ग्यारहवें विश्व हिन्दी सम्मेलन (मॉरीशस) में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में भागीदारी, 'मैं ही आई हूँ बाबा' कहानी को वर्ष 2019 का 'रमाकांत स्मृति कहानी पुरस्कार' और 2024 का 'कथारंग' पुरस्कार। इसके साथ ही ‘जीकाजि’ कहानी पर ‘विटामिन जिन्दगी’ प्रथम पुरस्कार। जयपुर साहित्य संगीति सम्मान, जनपद गौरव सम्मान, 'शुभम' संस्था से हिंदीश्री सम्मान आदि अनेक सम्मान और पुरस्कारों से सम्मानित।

संप्रति- स्वतंत्र लेखन

संपर्क- nirdesh.nidhi@gmail.com   

 
1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।