मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार-पुरालेख-विषयानुसार-हिंदी-लिंक-हमारे-लेखक-लेखकों से
SHUSHA HELP // UNICODE  HELP पता- teamabhi@abhivyakti-hindi.org


प्रौद्योगिकी


उपयोगी ब्राउजर एक्सटेंशन
रश्मि आशीष


वेब ब्राऊज़रों के बारे में कुछ आरम्भिक जानकारी हम अपने पिछले लेख "कहानी ब्राऊज़रों की" में दे चुके हैं। वर्तमान में इन्टरनेट एक्सप्लोरर को छोड़कर बाकी सभी ब्राऊज़रों की क्षमतायें एक्सटेंशनों के द्वारा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ाई जा सकती हैं। एक्सटेंशनों के मामले में फायरफौक्स सबसे आगे है और क्रोम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। ओपेरा तथा सफारी भी ज़्यादा पीछे नहीं हैं। संख्या में बहुत ज़्यादा होने के कारण इनमें से कौन से एक्सटेंशन स्थापित करें - यह निर्णय लेना मुश्किल होता है।

आइए आज हम आपको अपने कुछ पसंदीदा एक्सटेंशनों के बारे में बताएँ-

  • गूगल ट्रांसलेटर - ब्राऊज़िंग करते हुए किसी अनजानी भाषा के जालपृष्ठ पर पहुँचने पर यह एक्सटेंशन बहुत उपयोगी सिद्ध होता है। यह एक्सटेंशन पहचान लेता है कि कब कोई जालपृष्ठ हमारी मनचाही भाषा में नहीं है और उसे अनुवादित करने की सुविधा देता है। अनुमति मिलने पर जालपृष्ठ अनुवाद होकर के रीलोड हो जाता है। भले ही अनुवाद 100% सही नही होता पर कुछ नही समझ आने से बहुत बेहतर होता है।
    गूगल क्रोम में इस एक्सटेंशन की सुविधा ब्राऊज़र में ही संलग्न है।
    आय एम ट्रांसलेटर भी इसी तरह की सुविधा देने वाला एक और एक्सटेंशन है।
     

  • प्राईस ब्लिंक- जब भी हम ऑनलाईन खरीदारी करते हैं तो हमारी कोशिश रहती है कि कम से कम दाम में अच्छी चीज़ मिले। प्राईस ब्लिंक एक्सटेंशन हमारी खरीदारी को बहुत आसान कर देता है। जैसे ही हम खरीदारी करने के लिए किसी वाणिज्यिक जालपृष्ठ तक पहुँचते हैं यह एक्सटेंशन हमें एक सूची दिखाता है,जिसमें उस जालपृष्ठ पर दिखाए गए उत्पादों के पूरे विश्वजाल पर मौजूद वाणिज्यिक जालस्थलों से उपलब्ध दाम होते हैं। इन दामों की तुलना करका हम अपने पैसे और समय की बचत कर सकते हैं।
    इसी तरह की सुविधा देने वाले विंडो शॉपर तथा इनविज़िबिल हैंड दो और एक्सटेंशन हैं।
     

  • फ्लैश ब्लॉक- इन्टरनेट पर ऐनीमेशन आदि के लिए अक्सर फ्लैश नामक तकनीक का प्रयोग किया जाता है। दुर्भाग्यवश अधिकतर फ्लैश केवल विज्ञापनों या फालतू के मन भटकाव चीज़ों के लिए किया जाता है। यहीं नही डेटा में भी इसकी मात्रा जालपृष्ठ के असली लेख और चित्रों के मुकाबले काफी ज़्यादा होती है। फ्लैश ब्लॉक सभी फ्लैश सामग्री को रोक देता है। हालांकि अगर चाहो तो चुने हुए जालस्थलों पर फ्लैश चलाने की अनुमति भी दे सकते हैं। फ्लैश को रोकने से तीन फायदे होते हैं-
    १. विज्ञापन और चलायमान चित्र रुक जाने से ध्यान का भटकाव कम हो जाता है।
    २. बैंडविड्थ की बचत होती है तथा इसकी वजह से ब्राऊज़िंग तेज़ हो जाती है।
    ३. नोटबुक या लैपटॉप में बैट्री की भी बचत होती है।
     

  • ऐडब्लॉक प्लस- विश्वजाल पर विज्ञापन पैसा कमाने का प्रमुख साधन हैं। कई विज्ञापन तो बस आपको धोखा देकर अपने पर क्लिक करवाने की कोशिश करते हैं क्योंकि हर क्लिक पर विज्ञापन दिखाने वाले जालपृष्ठ को पैसा मिलता है। इसी कारण से कई जालस्थल विज्ञापनों से अटे पड़े होते हैं। एजेंसियों के माध्यम से आने के कारण अक्सर इनपर जालस्थल का कोई नियंत्रण नहीं होता और यह विज्ञापन जालपृष्ठ के विषय से इतर होने के साथ साथ आपत्तिजनक भी हो सकते हैं।
    यह एक्सटेंशन सभी जालपृष्ठों से विज्ञापन हटा देता है और उन्हें ब्राऊज़र तक पहुँचने ही नहीं देता। इसमें आप किसी विशेष एजेंसी या जालस्थल के लिये अपने नियम भी परिभाषित कर सकते हैं जिनके द्वारा विज्ञापन रोके जा सकते हैं या उनकी रोक हटाई जा सकती है।
     

  • फॉक्स टैब- ब्राऊज़िंग करते समय ढेर सारे टैब खोल लेने पर कई बार उन्हें व्यवस्थित रखना कठिन हो जाता है। फ़ॉक्स टैब टैबों को त्रि-आयामी तरीके से व्यवस्थित करने की सुविधा देता है। इसके द्वारा सब खुले टैब कई विशेष प्रभावों के साथ देखे जा सकते हैं। एक टैब से दूसरे टैब पर जाना,अपने पसंद के जालस्थलों पर जाना आदि काम इसके द्वारा अत्यन्त रोचक, सुन्दर तथा आसान तरीके से किए जा सकते हैं।
     

  • स्टाईलिश- यह एक्सटेंशन किसी भी जालस्थल का रंगरूप और स्वरूप अपने इच्छानुसार बदल लेने की सुविधा देता है। गूगल, फेसबुक, ऑरकुट, यू-ट्यूब जैसे कई प्रचलित जालस्थलों के वैकल्पिक रंगरूप और स्वरूप इस एक्सटेंशन के जालस्थल के माध्यम से उपलब्ध हैं। अगर आपको सी एस एस (CSS) का ज्ञान है तो आप अपने स्वयं के रंगरूप भी बना सकते हैं। इसके द्वारा जालस्थल के रंग, फ़ॉन्ट, और यहाँ तक कि लेख सामग्री की जगह भी बदली जा सकती है।
     

  • ऑटो पेजर- कई जालस्थलों पर लेख अनेक पृष्ठों में विभाजित होते हैं और हर पृष्ठ के अंत में "आगे" या "next" पर क्लिक करना होता है। इस तरह के जालस्थलों पर यह एक्सटेंशन बड़ा काम आता है। जब भी ब्राऊज़िंग करते वक्त हम जालपृष्ठ के अन्त में पहुँचते हैं, यह एक्सटेंशन अपने आप ही उसके आगे के जालपृष्ठ की सामग्री डाउनलोड करके हमें उसी पृष्ठ पर दिखाने लगता है। काफ़ी सारे जालस्थलों के लिये इसमें पहले से ही नियम हैं और जिन जालस्थलों के लिये नहीं हैं उनके लिये नये नियम बनाने की सुविधा भी "साईट विज़ार्ड" के माध्यम से उपलब्ध है।
     

  • वीडियो डाऊनलोड हैल्पर- यू-ट्यूब, वीमियो आदि जालस्थलों पर वीडियो देखने का आनन्द तो आता है पर वीडियो हमारे पास नहीं रह पाता। जब या जहाँ ब्रॉडबैन्ड की सुविधा ना हो या उसकी गति धीमी हो वहाँ अक्सर ये वीडियो इतना अटक-अटक कर आते हैं कि देखना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में यह एक्सटेंशन बड़ा काम आता है। इसके द्वारा हम लगभग हर ऐसे वीडियो को डाऊनलोड करके रख सकते हैं और बाद में अपनी सुविधानुसार आराम से चाहे जितनी बार देख सकते हैं।

    ईज़ी यूट्यूब वीडियो डाऊनलोडर भी इसी तरह की सुविधा देने वाला एक और एक्सटेंशन है।

  • डाऊन देम ऑल- अगर आप विश्वजाल से काफ़ी वस्तुएँ डाउनलोड करते हैं, और पहले से गेटराईट या फ़्लैशगेट जैसे अनुप्रयोगों को इस्तेमाल करते हैं, तो यह एक्सटेंशन आपके काम का है। डाउनलोड करने के तरीकों और विकल्पों को यह बहुत बढ़ा देता है। इस एक्सटेंशन की कुछ प्रमुख सुविधाएँ इस प्रकार हैं:-
    १. एक डाउनलोड को कई भागों में बाँटकर सबको एक साथ डाउनलोड करना। (इस तरीके से डाउनलोड काफ़ी तेज़ी से होता है)
    २. डाउनलोड को बीच में रोक देना और बचा हुआ डाउनलोड बाद में कर लेना।
    ३. डाउनलोड के लिये प्रयोग किये गये पिछले कई फोल्डर / डायरेक्टरी को याद रखना ताकि डाउनलोड के समय आसानी से एक क्लिक में काम हो सके।
    ४. एक जालपृष्ठ पर के सभी चित्र एक बार में डाउनलोड कर लेना।
    ५. एक जालपृष्ठ पर के सभी लिंक एक बार में डाउनलोड कर लेना।
    ६. वाईल्डकार्ड तथा रेग्युलर एक्सप्रेशन के द्वारा एक बार में कई डाउनलोड करना।
     

  • एक्स मार्क्स सिंक- आप ऑफ़िस में भी विश्वजाल का प्रयोग करते हैं और घर पर भी। हो सकता है कि कई ब्राऊज़र भी प्रयोग करते हों। एक जगह अगर कोई जालस्थल अच्छा लगा तो उसे दूसरी जगह भी देखने के लिये या तो याद रखना होगा, नोट करना होगा, या ईमेल करना पड़ेगा। यह एक्सटेंशन इन सब झंझट से आपको मुक्ति दिला देता है। जहाँ पर, जिस भी ब्राऊज़र पर आप काम करते हों, वहाँ इसे लगा लीजिये और यह आपके बुकमार्क, ब्राउज़िंग इतिहास, जालस्थलों के कूटशब्द (पासवर्ड) आदि सब हर जगह एक से कर देता है। बुकमार्क एक जगह कीजिये और सब जगह इस बुकमार्क को प्रयोग कीजिये। य़ही नहीं, अगर किसी दुर्घटनावश आपके बुकमार्क खो जायें तो इसके द्वारा उन्हें वापस भी लाया जा सकता है। व्यक्तिगत गोपनीयता के प्रति सचेत लोगों को हम यह भी बता दें कि इसमें से क्या प्रबंधित होता है और क्या नहीं यह पूरी तरह आपके नियंत्रण में होता है। अगर घर और ऑफिस के लिये अलग-अलग बुकमार्क रखना चाहते हैं तो वह भी संभव है। और अगर आपको अपनी सामग्री इस एक्सटेंशन के सर्वर को भेजने में भी आपत्ति है तो आप अपना सर्वर भी प्रयोग कर सकते हैं। फ़ायरफ़ॉक्स सिंक तथा क्रोम सिंक भी कुछ ऐसा ही काम करते हैं पर एक तो ये दोनों केवल अपने ही ब्राऊज़र में काम करते हैं और दूसरे सामर्थ्य में एक्स मार्क्स इन दोनों से काफ़ी आगे है।
     

हज़ारो एक्सटेंशनों के होते हुए हमारी आपकी पसंद का एक होना लगभग असंभव ही है। आशा है कि इस लेख से हमारे पाठक एक्सटेंशनों के बारे में जानेंगे तथा उनका प्रयोग कर के लाभान्वित भी होंगे। पाठकों की इच्छा होने पर हम आगे और एक्सटेंशनों के बारे में भी लिख सकते हैं। हम यह भी चाहते हैं कि पाठक अपने पसंदीदा एक्सटेंशनों के बारे में हमें भी बताएँ।

२८ मार्च २०१०

मुखपृष्ठ । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़ें  पता- teamabhi@abhivyakti-hindi.org

पुरालेख तिथि अनुसार  ।  पुरालेख विषयानुसार  ।   हमारे लेखक  ।   लेखकों से 

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।

 

hit counter