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- श्रद्धांजलि -

श्री लक्ष्मीमल सिंघवी का निधन
जाने-माने लक्ष्मीमल सिंघवी ख्यातिलब्ध न्यायविद, संविधान विशेषज्ञ, कवि, भाषाविद एवं लेखक थे। श्री लक्ष्मीमल सिंघवी का शनिवार 6 अक्तूबर 2007 को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे।

1962 से 1967 तक तीसरी लोक सभा के सदस्य श्री सिंघवी ने 1972 से 1977 तक राजस्थान के एडवोकेट जनरल तथा अनेक वर्षों तक यू.के. में भारत के राजदूत पद पर कार्य किया। उन्हें 1998 में पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया तथा 1999 में वे राज्य सभा के सदस्य भी चुने गए। भारतीय डायसपोरा की अनेक संस्थाओं के अध्यक्ष श्री सिंघवी ने अनेक पुस्तकों की रचना भी की है। वे कई कला तथा सांस्कृतिक संगठनों के संरक्षक भी थे। जैन इतिहास और संस्कृति के जानकार के रूप में प्रसिद्ध श्री सिंघवी ने कई पुस्तकें लिखी। श्री सिंघवी प्रवासी भारतीयों की उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष भी रहे। विश्व भर में फैले भारत वंशियों के लिए प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की संकल्पना डॉ. सिंघवी की ही थी। विधि और कूटनीति की कूट एवं कठिन भाषा को सरल हिन्दी में अभिव्यक्त करने में उनका कोई सानी नहीं था। विश्व हिन्दी सम्मेलन के आयोजनों में सदा उनकी अग्रणी भूमिका रहती थी।

वे पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहाँ शनिवार दोपहर एक बजकर 46 मिनट पर उनका निधन हो गया। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त रहे सिंघवी का अंतिम संस्कार रविवार प्रात: साढे 10 बजे लोधी रोड़ स्थित श्मशान घाट पर किया गया।

 

डॉ. श्याम सुंदर व्यास नहीं रहे
रायपुर- हिंदी के जाने-माने साहित्यकार और 'वीणा' पत्रिका के संपादक रहे डॉ. श्याम सुंदर व्यास का बुधवार 3 अक्तूबर 2007 को सुबह इंदौर में निधन हो गया।

3 सितंबर 1927 को इंदौर में जन्मे डॉ. व्यास ने देश की सर्वाधिक प्राचीन तथा सतत प्रकाशित होने वाली एकमात्र साहित्यिक पत्रिका 'वीणा' का 35 वर्षों तक संपादन किया। इसके अलावा उनके तीन उपन्यास, पाँच कथा संग्रह, तीन व्यंग्य संग्रह और बाल साहित्य तथा लघुकथाओं के भी कुछ संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

हाल ही में उन्हें पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया गया था। उनके निधन पर कुशाभाऊ ठाकरे राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति सच्चिदानंद जोशी, वरिष्ठ पत्रकार बबन प्रसाद मिश्र, रमेश नैयर, दिवाकर मुक्तिबोध, हिमांशु द्विवेदी, संजय द्विवेदी, गिरीश पंकज, साहित्यकार जयप्रकाश मानस, डॉ. सुधीर शर्मा ने गहरा शोक प्रगट किया है।

--जयप्रकाश मानस

 


दोनों कर्मठ महानुभावों को टीम अभिव्यक्ति की
भावभीनी श्रद्धांजलि
24 अक्तूबर 2007

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