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अभिव्यक्ति में
सुंदर पारख
की रचनाएँ

लघुकथा में
विभा ने नहीं कहा कि गर्मी बहुत है

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सुंदर पारख
जन्म- ३१ अगस्त १९५४ को
कोलकाता में।
शिक्षा- मैट्रिक तक स्कूली शिक्षा। उसके बाद स्वाध्याय और
अभ्यास से निरंतर ज्ञान प्राप्त किया।
कार्यक्षेत्र-
लेखन और समाजसेवा प्रमुख कार्य। संवाद लेखन और छंदमुक्त
कविताओं के लेखन में रुचि। राजस्थानी लोकगीत और संस्कृति
के क्षेत्र में सक्रिय। तीन पुस्तकें राजस्थानी भाषा में
प्रकाशित ऊगेरूं गीत, उघड़ता अरथ तथा कालजे मांडर देख। चार
कवयित्रियों के साथ हिन्दी कविता संकलन प्रकाशित।
३८ साल से राजस्थानी महिलाओं
की संस्था में कमेटी की सदस्य। गायन और गीतों की वर्कशॉप
भी करती रहती हैं।
ईमेल-
sundarparakh@54-gmail.com
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