
आशीष और
राहुल बचपन से साथ खेलते-खाते, पढ़ते दो भाई जो एक दूसरे
के बिना एक पल भी नहीं रह पाते..
कब बड़े हो जाते हैं पता ही नहीं चलता|
अब बचपन का प्यार धीरे-धीरे खेल-खिलौनों से परे
जमीन-जायदाद के पचड़ों में फँस गया|
अब तो इन लोगों में बात भी नहीं होती|
यहाँ तक कि आशीष ने राहुल पर मुकदमा दायर कर दिया कि राहुल
उस पर जानलेवा हमला करवाना चाहता है और अपने पैसे की ताकत
से आशीष केस जीत गया|
क्या कानून में स्वयं कुछ शक्ति नहीं है....
कानून सच में अंधा है... बिना सत्य की जाँच के एक निर्दोष
को झूठी सजा मिल गई।
१ सितंबर २०१८ |