मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार-पुरालेख-विषयानुसार-हिंदी-लिंक-हमारे-लेखक-लेखकों से
SHUSHA HELP // UNICODE  HELP पता- teamabhi@abhivyakti-hindi.org


लघुकथाएँ

लघुकथाओं के क्रम में महानगर की कहानियों के अंतर्गत प्रस्तुत है
कृष्ण बजगाईं की लघुकथा- तर्जनी उँगली



उनके हाथ की पाँचों उँगलियाँ सक्रिय थीं। यह पाँच उँगलियों का ही कमाल था जिनसे वे अपना और ख़ुदपर आश्रित परिवार का पेट पालते।

कुछ असरे बाद उनके दोनों हाथों की दसों उँगलियाँ सक्रिय हो गईं। दो हाथ जोड़कर दसों उँगलियों से वे वोट माँगते फिरे। मतदाता दयालु निकले। उन्हें अपने वोटों से विजयी बना दिया।

उनका पतला शरीर मालाओं से और अबीर के रंग से रंग उठा। इन सब को वहीं फेंक वे राजधानी चले गए। राष्ट्रीय पोशाक और टोपी में सजधजकर वे मंत्रालय में जा घुसे, मंत्री बनकर।

मतदाताओं को विश्वास नहीं हुआ पर कुछ ही महीनों में वे राजधानी में महल खड़ा कर चुके थे। देखते ही देखते वे टेलीविज़न के पर्दे पर, और अखबारों के पन्नों पर मोटे-घाटे दिखाई देने लगे।

आजकल केवल उनकी तर्जनी उँगली ही काम करती है।

२७ जून २०१०

-----------     मुखपृष्ठपुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । लेखकों से । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़ें

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।

 

hit counter