लेबनान
क्रिसेंट है हमारी गली का नाम। यह वॉटल ग्रोव से जहाँ
जुड़ती है वहाँ पर एक वृद्ध आश्रम है जिसका भवन एक लम्बी
सी बैरक-सा बना हुआ हैं। तीस सालों से इसे देखते आ रहे
हैं।
दिन में
कई बार यहाँ से आना जाना होता है। लेबनान क्रिसेंट व वॉटल
ग्रोव के जोड़ पर एक पेड़ होता था। जो हमारे लिये वहाँ की
पहचान सा बन गया था।
पिछले
साल(२०२४) जनवरी में एक भंयकर तूफान आया था। उसमें बहुत
सारे पेड़ या तो पूरी तरह से उखड़ गए थे या बुरी तरह से
टूट गए थे। उनमें से हमारा यह पेड़ भी था। बहुत बुरा लगा
था। बहुत मिस करता हूँ मैं इसे।
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रतन
मूलचंदानी
१ अगस्त २०२५ |