स्प्रिगंवेल कस्बे में टॉऊन हॉल, लाइब्रेरी, कौंसिल भवन व
एक बगीचा एक ही परिसर में हैं।
लाइब्रेरी, कौंसिल भवन व बगीचे का तो कायाकल्प हो गया है।
इस नवीनीकरण से यह परिसर बहुत सुंदर व भव्य लगने लगा है।
परन्तु टॉऊन हॉल को बिल्कुल नहीं बदला गया है। कुछ अजीब सा
लगा।
पर
थोड़ा सोचने कुछ कुछ समझ में आया। इसे बिना बदले इतिहास से
जोड़े रखने की चाहत रही होगी कौंसिल की।
इस टॉऊन हॉल से मेरा विशेष
भावात्मक लगाव है। कारण, कोई १७-१८ साल पहले मेरी बिटिया
का विवाह इसी हॉल में सम्पन्न हुआ था।
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रतन मूलचंदानी
१ अप्रैल २०२५ |