मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


 बतरस से लिखवट                                           सिल्वर वॉटल


"पीली पीली सरसों फूली" गीत याद आ गया था इस पौधे को फूलों से लदा देख कर। शहरी जीव हैं हम, तो फिल्मों में ही देखे हैं सरसों के खेत और उसके सुनहरे पीले रंग की मीलों फैली चादर।

भारत मे सरसों बंसत ऋतु में फूलती है। ऑस्ट्रेलिया मे यह फूल पतझड़ के मौसम में खिला है। कई सारे पेड़ बिल्कुल ही खाली है, उन पर एक भी पत्ता नही दिख रहा। पर कुछ सदा बहार पेड़ भी है जिन पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं है।

वहाँ तक तो ठीक है पर पतझड़ मे फूलो से लदे पौधे भी दिख रहे हैं जो थोड़ा सा भ्रमित कर रहे हैं। पर प्रकृति तो प्रकृति है ना। उसका अपना तरीका है। यह पौधा सिलवर वॉटल कहलाता है। हरी पत्तियों को पूरी तरह से ढक सा दिया है इसके पीले पीले फूलों के गुच्छों ने।

इस पर ये फूल दस एक दिन पहले ही आए हैं। यह पौधा बच्चों के स्कूल के पास है तो इससे मुलाकात हो ही जाती है जब भी बच्चों को छोड़ने या लेने जाता हूँ। इस तरह फूलों से लदे पौधे को देख कर आँखो को बहुत सकून मिलता है।

- रतन मूलचंदानी
१ दिसंबर २०२४

1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।