मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


 बतरस से लिखवट                                           तोते जैसा फूल

सीधे आसमान की ओर फूलने वाले इस फूल को कहीं पर भी, अभी तक, बलखाते मैंने नहीं देखा था। १५/१२ को न्यूकॉसल यूनि में दीक्षांत समारोह वाले दिन जब आसपास मंडरा रहा था तो इस पर निगाह अटक सी गई। एक पक्षी का आकार सा ले लिया था इसने। मन में पक्षी का आकार तो घूम रहा है पर पक्षी का नाम याद नहीं आ रहा। तोते का रूप मान लेते हैं।

एक और कारण था इस पर ध्यान जाने का। जरा ध्यान देंगे तो फूल के पीछे माईक्रोस्कोप दिख रहा होगा। बस इस फूल को लगा कि मैं अपना भी अवलोकन करवा लूँ। पर बिना टेड़ा हुए तो यह संभव नहीं था तो इसने अपने को नया आकार दे दिया। फूल का यह अनोखा रूप भला लग रहा था।

- रतन मूलचंदानी
१ मई २०२४

1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।