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रतन
मूलचंदानी
१ अप्रैल २०२४
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घर पर
सजावट के लिए आजकल प्लास्टिक से बने बहुत ही सुंदर-सुंदर
फूल, फल, पेड़ व पौधे मिलते हैं। कमाल की डिटेलिंग होती है
इनमें कि असली व नकली मे अंतर कर पाना मुझे तो बहुत कठिन
लगता है।
हाथ लगा
कर छू कर देखने के बाद ही समझ मे आता है असल व नकल का
अंतर। मिलसन्स पुआँट स्टेशन के बाहर जब इस पेड़ को देखा तो
मुझे खटका हुआ इसके नकली होने का। इतना चटक लाल रंग और
गुच्छो के रूप मे फूल, वो भी बिना पत्ते वाले पेड़ मे,
नैसर्गिक नहीं हो सकते। जरूर सजावट के लिए कौंसिल ने
प्लास्टिक के बनावाएँ होंगे।
हाथ लगा
कर देखा। उनकी कोमतला, आद्रता और ठंडक ने तस्सली दी उनके
प्राकृतिक होने की। गूगल ने उसका नाम ब्रेकिचिटेन बताया।
साथ मे यह भी कि यह ऑस्ट्रेलिया का स्थानीय पेड़ है। बहुत
ही सुंदर था यह पेड़ अपने रंग रूप के कारण।
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