मुखपृष्ठ

पुरालेख-तिथि-अनुसार -पुरालेख-विषयानुसार -हिंदी-लिंक -हमारे-लेखक -लेखकों से


रसोईघर— फलों के व्यंजन

अमरूद के व्यंजन

अमरूद की चटनी

सामग्री-

  • अमरूद की चटनी
  • २०० ग्राम हल्के कच्चे लाल रंग के गूदे वाले अमरूद
  • अदरख का एक छोटा टुकड़ा
  • २ हरी मिर्च
  • नमक
  • चाट मसाला चुटकी भर

विधि-

  • अमरूदों को अच्छी तरह धो कर एक इंच के टुकड़ों में काट लें।
  • बीजों को अलग कर दें इनका उपयोग चटनी में नहीं होगा।
  • हरी मिर्च धो कर डंडी निकाल दें। अदरख को धो कर छील लें।
  • सभी चीज़ों को मिक्सर में डालें और महीन कर लें।
  • काँच की प्लेट या कटोरे में निकालें और किसी भी भोजन के साथ परोसें।
    इस चटनी को फ्रिज में रख कर एक सप्ताह तक प्रयोग किया जा सकता है।

अमृत मलाई

सामग्री

  • २ अमरूद पके हुए
  • एक प्याला मलाई
  • चीनी ६ बड़े चम्मच

विधि

  • मलाई को अच्छी तरह फेटें और फ्रिज में ठंडा करें।
  • अमरूदों को धोकर एक इंच के टुकड़ों में काटें ओर बीज निकाल दें।
  • अधा चाय का प्याला पानी उबालें और चीनी मिलाएँ।
  • चीनी के गलते ही अमरूद डालें और एक उबाल के बाद आँच धीमी कर दें।
  • अमरूद नरम होते ही उतार कर ठंडा करें। (अमरूद ज़्यादा गलने नहीं चाहिये)।
  • फेंटी हुयी मलाई इसमें मिला दें।
  • इच्छानुसार ठंडा या गरम परोसें।
  • इसे इलायची, दालचीनी और मेवों से सजाया जा सकता हैं।

तिरंगा अमृत पेय

सामग्री

  • एक चाय का प्याला अमरूद का रस
  • आधा चाय का प्याला संतरे का रस
  • दो चम्मच स्ट्राबेरी सिरप
  • बर्फ का चूरा दो बड़े चम्मच
  • एक स्ट्राबेरी सजावट के लिये

विधि

  • एक गिलास में बर्फ का चूरा डालें।
  • इसके ऊपर स्ट्राबेरी सिरप डालें ताकि वह बर्फ को लाल कर दे।
  • आधा मिनट रूक कर धीरे धीरे किनारे से संतरे का रस डालें। ध्यान रखें की लाल रंग संतरे के नारंगी रस में पूरी तरह घुल न जाय।
  • इसके बाद अमरूद का सफेद रस डालें।
  • लाल नारंगी और सफेद तीनों रंग अलग दिखाई देने चाहिये।
  • स्ट्रा लगाएँ और स्ट्राबेरी से सजा दें।
     
1

1
मुखपृष्ठ पुरालेख तिथि अनुसार । पुरालेख विषयानुसार । अपनी प्रतिक्रिया  लिखें / पढ़े
1
1

© सर्वाधिका सुरक्षित
"अभिव्यक्ति" व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक
सोमवार को परिवर्धित होती है।