हास्य व्यंग्य

लेओजी लेओजी लेओ बैंक लोन
-जवाहर चौधरी


भारत में दो तरह के लोग रहते हैं, एक- जिन्हें बैंक लोन देते हैं और दूसरे जिन्हें बैंक किसी भी हालत में लोन नहीं देते। लोन लेने की पात्रता जिन्हें होती है वे प्राय: सुविधा संम्पन्न होते हैं। उनके पास पहले से ही गाड़ी-बंगला, जमीन-जायजाद, बैंक बेलेन्स वगैरह होता है। निश्चिंत हो कर खाते हैं और पचाने के लिये डाक्टर की मदद के लिये चिन्तित रहते हैं। बैंक भी ऐसे ही लोगों की तलाश में रहते हैं।

”हेलो… क्या मैं सुनील खम्बानी जी से बात कर सकती हूँ?” फोन पर एक लड़की की मधुर आवाज पहला वार करती है।
”जी, मैं सुनील खम्बानी बोल रहा हूँ ……”
”गुड आफ्टर नून सर …., लेओजी लेओजी लेओ बैंक से बोल रहीं हूँ। सर क्या मैं आपसे दो मिनट बात कर सकती हूँ प्लीज?”
”जी जी, बोलिये।”
”सर, लेओजी लेओजी लेओ बैंक के बारे मे आप जानते ही होंगे …… हमारा बैंक इस समय देश का सबसे बड़ा बैंक है, नंबर वन।”
”गुड …”

”हमारे पास अपने कस्टमरर्स के लिये अच्छी स्कीमें हैं और हमारा रेट आफ इंटरेस्ट भी सबसे कम है। ”
”अच्छा !!”
”हमारी सर्विस भी फास्ट है। हम एक दिन में लोन पास करके चेक हाथ में दे देते हैं।”
”सिर्फ एक दिन में! कमाल है !”
”सर अगर आपके पास बंगले की आनरशिप हो, कारें हों और दूसरी एसेट्स हों तो लोन सिर्फ पाँच घण्टों में पास हो सकता है।”
”अरे वाह ! मतलब ……”
”मतलब, आप ग्यारह बजे डाक्यूमेंट के साथ बैंक में आइये और चार बजे चेक ले कर जाइये।”
”वंडरफुल ….”
”सर, कल हमारा स्पेशल लोन वीक का आखरी दिन है …… अगर आप कल बैंक आते हैं तो आपको बीस प्रतिशत ज्यादा लोन मिल सकता है।”
”ऐसा क्या !”

”सर, लेओजी लेओजी लेओ बैंक हमेशा अपने कस्टमर्स का ख्याल रखती है। तो कल आ रहे हैं ना आप ?”
”नहीं, दरअसल फिलहाल मुझे लोन की जरूरत नहीं है।”
”ऐसा कैसे हो सकता है सर ! पैसों की जरूरत तो हर पैसे वाले को होती है।”
”आपको कैसे मालूम कि मैं पैसे वाला हूँ ! ?”
”लेओजी लेओजी लेओ बैंक का अपना स्मार्ट सर्वे एण्ड मार्केटिंग डिपार्टमेंट है सर। हमें पता है कि आप तगड़ा बैंक बेलेन्स भी रखते हैं।”
”फिर तो आप समझ सकती हैं कि मैं लोन ले कर क्या करूँगा?”
”आप अपने बंगले का एक्सटेंशन क्यों नहीं करा लेते सर।”
”हमारे रहने को पर्याप्त जगह है …. बल्कि ज्यादा है। ‘

”बना कर किराए पर उठा सकते हैं ……”
”अरे मैंडम, किराएदार बाद में खाली नहीं करते हैं …..”
”खाली तो हो जाते हैं आजकल आराम से। भाई लोग की कमी तो नहीं है शहर में।”
”लेकिन वो मुफ्त सेवा नहीं करते हैं ….. लाखों लेते हैं ….”
”उसके लिये भी लोन देती है ना लेओजी लेओजी लेओ बैंक।”
”सॉरी …..।”
”तो सर मैडम के लिये छह-सात सेट ले लीजिये सोने के। ….. मैरेज एनीवर्सरी कब है आपकी ?”
”पहले ही काफी सेट हैं उसके पास ….. सात-आठ तो दहेज में ले कर आई थी और बाद में भी बनवाती रही है।”
”तो सर आप दो-चार प्लाट खरीद लीजिये …. जमीनों के भाव बढ़ने वाले हैं।”
”प्लाट भी हैं बहुत से।”
”आप ऐसा करें सर वर्ल्ड टूर पर निकल जाएँ ….. स्कीम्स हैं हमारे पास। ”

”देवीजी, टाइम कहाँ है इतना !”
”सर कोई शौक तो होगा। बड़े लोगों के शौक भी बड़ महँगे होते हैं।”
”हाँ, कभी नाच-गाना, संगीत वगैरह …….”
”तो सर हमारे पास बार और बारबाला लोन भी है …..”
”सॉरी मैंडम, अभी तो मैं किस भी प्रकार का लोन लेने के मूड में नहीं हूँ। आप किसी जरूरतमंद को देखिये ….”
”जरूरतमंदों को हम लोन नहीं देते सर। लेओजी लेओजी लेओ बैंक सरकारी अस्पताल नहीं है।”
”अभी तो आप कह रहीं थीं कि आपका बैंक कस्टमर्स का बहुत ख्याल रखता है !”
”जो कष्ट में मरे जा रहे हों उन्हें हम कस्टमर नहीं बनाते सर।
आप तो जानते हैं, वसूली के लिये हमें ‘लाओजी लाओ’ का ध्यान भी रखना होता है।”

”सॉरी, अभी तो मेरा मूड नहीं है।”
”तो फिर कल फोन करूँ सर? … प्लीज मुझे टारगेट पूरा करना है।”
”आपकी आवाज बहुत प्यारी है, आप बोलती भी बहुत अच्छा हैं पर लोन लेने लायक कोई काम नहीं है मेरे पास, सॉरी।”
”सर, आप एक शादी और कर लीजिये, लव और लोन की जोड़ी भी है।”
”माफ कीजिये मैं पचास पार हूँ, …. अब शादी की भी सम्भावना नहीं है।”
”अगर आप बड़ा लोन ले लें सर तो मैं आपसे शादी कर सकती हूँ।”
”आप !! ?”
”इससे बैंक का और मेरा, दोनों का टारगेट पूरा हो जाएगा।”

८ अक्तूबर २०१२