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हास परिहास

२०१८

एक बार एक फिल्म के प्रोड्यूसर ने भगवान की तपस्या शुरु की। 
भगवान एकदम से प्रकट हो गए,।
प्रोड्यूसर चिढ़ के बोला,
"मैंने तो सुना था कि तपस्या करने बैठो तो पहले तपस्या भंग करने के लिए अप्सराएँ आती हैं!"
१ सितंबर २०१८
एक दिन दो पड़ोसियों में तूतू मैं मैं हो गई। पहले ने कहा,
"भाई साहब, मैं तो आपको शरीफ़ आदमी समझता था।
"मेरा भी यही विचार था कि आप शरीफ़ आदमी हैं।"
"आपका विचार ही सही था। गलत तो मेरा अंदाज़ हो गया।"
१ अगस्त २०१८
एक फेसबुक उपयोगकर्ता ने अपने स्टेटस में लिखा- आज बहुत गर्मी है मैं रात को छत पर सोऊँगा।
झट से इसे ५० मच्छरों ने लाइक कर दिया।

- कल्पना रामानी
१ सितंबर २०१८
२ जून की तारीख थी और संता के घर में विवाह उत्सव चल रहा था। पकवानों से घर भरा था लेकिन संता दावत का खाना छोड़कर बाहर खाने जाने लगा तो दोस्त ने जानना चाहा कि माजरा क्या है। संता बोला यार आज के दिन रोटी खाना जरूरी है... कहते हैं जिसे दो जून की रोटी नहीं मिलती वह ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहता।
१ जून २०१८
एम.बी.बी.एस. पूरी करने के बाद मुन्नाभाई ने अपने पहले मरीज़ का मुआयना शुरु किया।
टार्च जला कर आँखे देखी, कान देखे, जीभ और गला देखा और कहा,
"बोले तो टार्च एक दम मस्त है बाप"
१ मई २०१८
"क्या तुम जानते हो, किसी भी लड़की को प्रपोज करने का सही दिन कौन-सा होता है?"
"अरे बेवकूफ, इतना भी नहीं जानता 'वेलेंटाइन डे'।"
"अरे नहीं रे पगले!"
"किसी भी लड़की को प्रपोज करने का सबसे सही दिन 'एक अप्रैल' होता है।"
"क्यों, इस दिन में ऐसा क्या है ?"
"देख यार...! लड़की मान जाए तो ठीक, नहीं तो कह दो 'अप्रैल फूल बनाया'।"
१ अप्रैल २०१८
बहस से बुरी तरह खिसियाकर एक व्यक्ति ने दूसरे से कहा,
"यार तुम तो हर बात पर लाल पीले होने लगते हो?"
"हाँ, मैं पैदा ही होली के दिन हुआ था।"
दूसरे ने झल्लाकर उत्तर दिया।
१ मार्च २०१८

दूकान पर एक ग्राहक बहुत देर से टहल रहा था। कभी कोई चीज उठाता, उसे देखता, फिर उसे रखकर दूसरी चीज उठा लेता। किसी वस्तु के दाम पूछता तो किसी वस्तु के अन्य रंग या आकार हैं या नहीं यह जानना चाहता। इस सबके बावजूद वह खरीद कुछ भी नहीं रहा था। काफी देर तक उसका यही व्यवहार रहा तो दुकानदार ने खीझ कर पूछा - "श्रीमान जी, आखिर आपको चाहिए क्या?
"मौका!" ग्राहक बुदबुदाते हुए कहा।

१ फरवरी २०१८
गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में समारोह के बाद शर्माजी अपने नेता मित्र से बात करते हुए बोले-
यार आजकल मैं अपने बेटे सुकुमार को लेकर बहुत परेशान हूँ। उसका विकास रुक गया है, अच्छा खाने-पीने पर भी यह स्वस्थ नहीं हो रहा है। किसी अच्छे डॉक्टर का नाम बताओ।
नेता जी ने हँसते हुए उत्तर दिया- डॉक्टरो के पास जाने से कुछ नहीं होगा। इसका नाम भ्रष्टाचार रखो। फिर देखना इसका विकास किस रफ्तार से होता है।
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१ जनवरी २०१८
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